Ayurvedic Home Made Treatments

एगरोल दो चम्मच आधा कप पानी में मिलाकर तीन चार दिन पिये,पुरानी कब्ज ठीक होगी,एगरोल कैमिस्ट की दुकान से खरीदे।

कब्ज की अधिकता के कारण यदि बुखार में दस्त कराना हो तो दस ग्राम अरण्डी के तेल को २५० ग्राम गर्म दूध में मिलाकर दें।

गुठली निकाली हुयी बडी हरण का मुरब्बा एक या दो नग खिलाकर ऊपर से २५० ग्राम दूध पिला देने से ही ३-४ दस्त हो जाते है,नाजुक मिजाज रोगी को एक हरड से अधिक नही देनी चाहिये।

साधारण कब्ज में रात को सोते समय दस बारह मुनक्के बीज निकालकर दूध में उबालकर खायें,ऊपर से वही दूध जिसके अन्दर मुकक्के उबाले गये थे पिये,इससे खुलकर शौच आयेगा,कब्ज की अधिक शिकायत होने पर इसे ३-४ दिन लगातार लें।

पुराना बिगडा हुआ कब हो तो दो संतरे का रस खाली पेट ८-१० दिन पीने से ठीक हो जायेगा,संतरों के रस में नमक बर्फ़ या मसाला नही मिलाना चाहिए।

पीलीकाबली हरण को पानी में थोडा सा रगडें और तनिक सा नमक मिलाकर पिला दें,इससे कब्ज कितना ही पुराना क्यों न हो ठीक हो जायेगा।

दस ग्राम ईसबगोल की भूसी १२५ ग्राम दही में घोलकर सुबह शाम खिलाने से कब्ज ठीक हो जाता है।

६ ग्राम त्रिफ़ला चूर्ण २०० ग्राम गरम दूध के साथ लगातार लेने से कब नही रह पाता है।


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